हार्डवेयर और वीएलएसआई आधुनिक तकनीक के आवश्यक घटक हैं जो उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एकीकृत सर्किट के विकास को सक्षम बनाते हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रसार ने एकीकृत चिप्स और सेंसर की मांग में तेजी से वृद्धि की है। इस बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करना बहुत चुनौतीपूर्ण है, इसके लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ने इलेक्ट्रॉनिक में बीटेक के लिए एक कोर्स डिजाइन किया है।

VLSI डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech में विशेषज्ञता है। यह एकीकृत सर्किट या सिलिकॉन चिप्स के डिजाइन और निर्माण की प्रक्रिया है। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता: पीसीएम से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कुछ शीर्ष परीक्षाएं जैसे GATE, JEE Mains और CUET आदि हैं।

हर वीएलएसआई कोर्स की अवधि अलग-अलग होती है। सर्टिफिकेशन 4-12 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम है। यह इंजीनियरिंग या स्नातक छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। इसके अलावा वीएलएसआई के लिए पीजी डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं। यह ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी होने के बाद किया जा सकता है। वहीं बैचलर कोर्स के लिए छात्रों को 12वीं के बाद बी.टेक करना चाहिए। मास्टर डिग्री के लिए आप वीएलएसआई में एम.टेक कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टरेट के लिए उम्मीदवार इसमें पीएचडी करते हुए वीएलएसआई में अपना शोध कर सकते हैं।

कोर्स पूरा करने के बाद, छात्र इंटेल, ग्लोबल फाउंड्रीज, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, मार्वेल सेमीकंडक्टर, इनफिनियन टेक्नोलॉजी, मीडिया टेक इंक., एनएक्सपी सेमीकंडक्टर, टीएसएमसी क्वालकॉम, फिलिप्स आर एंड डी में डिजाइन इंजीनियर, फिजिकल डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्ट वेरिफिकेशन इंजीनियर या टेक्निकल मैनेजर के रूप में काम करते हैं। सैमसंग आर एंड डी, सीमेंस, आईबीएम, वाश, विप्रो, टाटा एलएक्सआई आदि निजी संगठनों के साथ-साथ कई सरकारी पीएसयू जैसे एससीएल, इसरो, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल आदि में काम कर सकते हैं।


एक टूल जिसकी जानकारी धीरे-धीरे हर किसी के लिए जरूरी होती जा रही है वह है AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। AI टूल्स का इस्तेमाल करके हम किसी भी काम को कम समय में बेहतर तरीके से कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब पूरी दुनिया में बहुत तेजी से हो रहा है।

अगर आप भी AI टूल्स का इस्तेमाल करके अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं तो Google इसके लिए सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर करता है। आप Google से AI में ऑनलाइन फ्री कोर्स कर सकते हैं। इन कोर्स को करने के बाद आपके रिज्यूमे में एक्स्ट्रा करिकुलर ऐड हो जाएगा जो आपके लिए बेहतर नौकरी पाने या अपने काम में उपयोगी साबित होगा।

Google द्वारा निःशुल्क कोर्स उपलब्ध कराया गया है और वह है जेनरेटिव AI फंडामेंटल कोर्स। इस कोर्स को करके आप AI से चीजें प्राप्त करने के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं – सामग्री, फोटो और अन्य चीजें। इस कोर्स के जरिए आप नई तकनीकें सीख पाएंगे जो आपको अच्छी नौकरी दिलाने में ज्यादा मददगार साबित हो सकती हैं।

इस टूल का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली इमेज बनाने के लिए किया जाता है। यह आपके निर्देशों के अनुसार सर्वोत्तम छवि बनाता है और कुछ ही क्षणों में आपके सामने प्रस्तुत कर देता है। आप इस टूल का उपयोग करके चित्र भी बना सकते हैं। अगर आप इस क्षेत्र में सुधार करना चाहते हैं तो आप गूगल द्वारा मुफ्त में उपलब्ध कराया जाने वाला इमेज जेनरेटर एआई सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

किसी भी इमेज के उपयोग के लिए कैप्शनिंग बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। बेहतर इमेज कैप्शनिंग आपके लेख या पेज को उच्च रैंक देती है। अगर आप भी इसकी ट्रिक्स सीखना चाहते हैं तो आप गूगल से फ्री में इमेज कैप्शन एआई सर्टिफिकेट कोर्स प्राप्त कर सकते हैं। इससे आप किसी भी नौकरी में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और आपके लिए अच्छी नौकरियों की संभावनाएं खुलेंगी।


देशभर में नतीजे जारी होने की प्रक्रिया लगभग ख़त्म होने वाली है। 12वीं पास करने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि वे अपने करियर को किस क्षेत्र में दिशा दें। उसमें भी अगर छात्र ने आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं पास की है तो बेहतर करियर पाने के लिए छात्र और भी चिंतित हो जाते हैं। लेकिन आप जान लीजिये कि आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं पास करने वाले छात्रों के पास अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर भविष्य बनाने के अधिक अवसर होते हैं। ऐसे छात्र शिक्षण, कानून, चिकित्सा, प्रबंधन, पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं।

अगर आपकी रुचि शिक्षण क्षेत्र में है तो 12वीं के बाद आप 4 साल का बीए बीएड, बीएससी बीएड, बीएलएड, डीएलएड कोर्स में प्रवेश लेकर आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप आर्ट्स में बीए करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भी योग्यता हासिल कर सकते हैं।

अगर आप आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं पास करने जा रहे हैं तो आपके पास लॉ फील्ड में भी करियर बनाने का मौका है। इसके लिए अब आप 12वीं के तुरंत बाद 5 साल के इंटीग्रेटेड कोर्स बीए-एलएलबी में एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा लॉ में करियर बनाने के लिए आप सबसे पहले बीए कर सकते हैं और इसके बाद एलएलबी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।

कानून के अलावा आप प्रबंधन क्षेत्र में बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन), बीएमएस (बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज), बीएचएम (बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट), रिटेल मैनेजमेंट (डिप्लोमा) जैसे पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश ले सकते हैं।

अगर आपकी रुचि समाचार लेखन, रिपोर्टिंग, एंकरिंग, कंटेंट राइटिंग में है तो आप पत्रकारिता का कोर्स कर सकते हैं। इसमें डिग्री और डिप्लोमा दोनों कोर्स उपलब्ध हैं। 12वीं के बाद आप BJMC (बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) कर सकते हैं। BJMC के बाद आप उच्च शिक्षा के लिए MJMC (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं।


वर्तमान समय में हमारे देश में कंप्यूटर साइंस (CS) में B.Tech का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। हर B.Tech छात्र और उनके माता-पिता की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस में B.Tech करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंप्यूटर साइंस में B.Tech करने के बाद अन्य ब्रांचों की तुलना में बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध हो जाते हैं।

कंप्यूटर साइंस में B.Tech करने के बाद आपको बेहतर सैलरी पैकेज वाली नौकरी मिलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। अगर आप भी कंप्यूटर साइंस में B.Tech कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो आपके लिए कई नौकरियों के मौके हैं। इनमें से कुछ के बारे में जानकारी यहां देख लेते हैं।

B.Tech करने के बाद सबसे अच्छा करियर विकल्प सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इसमें नए सॉफ्टवेयर विकसित करना, एप्लिकेशन डेवलप करना और मैनेज करना तथा उनके लिए प्रोग्रामिंग करने का काम किया जाता है। इसके साथ ही कोडिंग, टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर में आने वाली समस्याओं का ध्यान भी रखना होता है। विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियों और IT कंसल्टेंसी समेत विभिन्न जगहों पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मांग लगातार बनी रहती है। कोर्स खत्म होते ही ये कंपनियां आपको लाखों के पैकेज पर नौकरी पर रख लेती हैं।

कंप्यूटर साइंस में B.Tech करने के बाद आप वेब डेवलपर भी बन सकते हैं। वेब डेवलपर का काम वेबसाइट बनाना और उसका रखरखाव करना होता है। अगर वेबसाइट पर कोई समस्या है तो उसे ठीक करना और बेहतर अनुभव प्रदान करना वेब डेवलपर का काम है। हमारे देश में एक वेब डेवलपर की सैलरी 4 से 5 लाख रुपये प्रति वर्ष से शुरू होती है।

वर्तमान समय में हमारे देश में बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स और अन्य स्थानों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में डेटा वैज्ञानिकों की भारी मांग है। कंप्यूटर साइंस में B.Tech करने के बाद आप इस क्षेत्र में भी करियर बना सकते हैं। डेटा साइंटिस्ट पद के लिए आपकी शुरुआती सैलरी 5 से 6 लाख रुपये प्रति वर्ष हो सकती है।

इन सबके अलावा कंप्यूटर साइंस में B.Tech करने वाले उम्मीदवारों को कंप्यूटर नेटवर्क इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, कंप्यूटर साइंस ब्लॉगर, ब्लॉकचेन डेवलपर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट, आईटी कंसल्टेंट, गेम डेवलपर आदि पदों पर आसानी से नौकरी मिल सकती है। शुरुआती चरण में ही पा सकते हैं 5 लाख रुपये सालाना सैलरी समय और अनुभव के साथ वेतन लगातार बढ़ता जाता है।


देशभर में बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी होने का दौर चल रहा है। इससे उन छात्रों के लिए दरवाजे खुल जाएंगे जो 12वीं कक्षा पास करने वाले हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे हैं । 12वीं पास करने के बाद ही कई ऐसे कोर्स उपलब्ध हैं जिनमें आप एडमिशन ले सकते हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। इसके लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने की भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इन पाठ्यक्रमों से आपको शिक्षण योग्यता के साथ-साथ अपनी ग्रेजुएशन डिग्री की भी मान्यता मिल जाएगी।

अगर आपने 12वीं पास कर ली है और शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आप B.El.Ed, D.El.Ed, BA B.Ed या B.Sc B.Ed कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। इसमें B.El.Ed/BA B.Ed/B.Sc B.Ed सभी चार साल के कोर्स हैं जबकि D.El.Ed दो साल के कोर्स हैं।

B.El.Ed/BA B.Ed/B.Sc.B.Ed में प्रवेश के लिए राज्यों द्वारा प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। अब इन इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए देश भर में एक परीक्षा आयोजित करने का भी प्रावधान है। इसके अलावा कई राज्यों में डी.एल.एड कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाता है, वहीं कुछ जगहों पर मेरिट के आधार पर भी प्रवेश दिया जाता है।

इसमें बीएड करने वाले उम्मीदवार कक्षा 6वीं से 8वीं तक पढ़ाने के लिए पात्र हैं। इसी प्रकार, जिन उम्मीदवारों ने बी.एल.एड की डिग्री हासिल कर ली है, वे 6 वर्ष से अधिक उम्र और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पढ़ाने के लिए योग्य हो जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, D.El.Ed वाले उम्मीदवार प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने के लिए पात्र हैं।


हमारे देश में ज्यादातर छात्रों और अभिभावकों का सपना होता है कि उनका बच्चा मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाये। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हमारे देश में डॉक्टरों को काफी रेस्पेक्ट दी जाती है। डॉक्टर देश की सेवा के साथ-साथ अच्छा पैसा भी कमाते हैं और नाम के साथ-साथ समाज में प्रसिद्धि भी मिलती है।

अगर आपने भी 12वीं पास कर ली है और मेडिकल फील्ड में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो यह पोस्ट आपके काम की है। यहां से आप मेडिकल क्षेत्र के कुछ बेहतरीन कोर्सेज की जानकारी हासिल कर सकते हैं जिनमें आप 12वीं के बाद ही प्रवेश ले सकते हैं।

हमारे देश में MBBS को चिकित्सा क्षेत्र में सर्वोच्च दर्जा प्राप्त है। 12वीं पूरी करने के बाद ही आप MBBS यानी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी में एडमिशन ले सकते हैं। यह पांच साल का कोर्स होता है। इसमें चार साल की पढ़ाई और एक साल की इंटर्नशिप शामिल है। MBBS में दाखिला लेने के लिए आपको NEET परीक्षा पास करनी होती है।

MBBS के बाद BDS भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें डेंटिस्ट बनने के लिए पढ़ाई की जाती है। BDS को बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी के रूप में जाना जाता है। BDS में प्रवेश के लिए भी NEET परीक्षा पास करनी होगी।

अगर आप NEET परीक्षा पास नहीं कर पा रहे हैं तो BSc. Nursing आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसमें आपको नर्सिंग से संबंधित पढ़ाई करननी होती है।

इन सबके अलावा मेडिकल क्षेत्र में ऐसे और भी कई कोर्स उपलब्ध हैं जिनमें आप 12वीं पूरी करने के बाद ही प्रवेश ले सकते हैं। इसमें B.Pharma और फिर D.Pharma, BAMS , BUMS, BPT जैसे कोर्स में एडमिशन लेकर मेडिकल क्षेत्र में नाम कमा सकते हैं।


आज के समय में आपने ED शब्द ना सुना हो ऐसा हो ही नहीं सकता क्यूँकि इसमें हमारे देश में कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। क्या आप भी ऐसे ही किसी विभाग में शामिल होकर देश सेवा करना चाहते हैं तो ED यानी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट जिसे हिंदी में प्रवर्तन निदेशालय कहा जाता है में ऑफिसर बन सकते हैं। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय में नौकरी पाने के लिए आपको जानकारी होनी चाहिए कि योग्यता क्या है और कैसे, क्या करना है।

प्रवर्तन निदेशालय यानि ED में ऑफिसर बनने का ख़्वाब देख रहे युवाओं के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करना ज़रूरी है। ED में अधिकारी बनने के लिए आपको ग्रेजुएट होना चाहिए। चयन के लिए उम्मीदवारों को पद के अनुसार सीबीटी परीक्षा, लिखित परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्न) और कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा/डेटा एंट्री कौशल परीक्षा में शामिल होना होता है।

इस पद पर भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 18 साल से कम और अधिकतम आयु 27/30 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाती है।

ED में अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवारों को SSC द्वारा हर साल आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी SSC-CGL में भाग लेना होगा। चयन के लिए उम्मीदवारों को टियर-1 और टियर-2 में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) परीक्षा में भाग लेना होगा। इन दोनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों को टियर-3 में लिखित परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्न) देनी होगी। आख़िर में, उम्मीदवारों को टियर-4 में पद के अनुसार कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा/डेटा एंट्री कौशल परीक्षा में उपस्थित होना होगा। अंतिम सूची सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन उम्मीदवारों का नाम फाइनल लिस्ट में होगा उन्हें ED में अधिकारी के पद पर तैनात किया जाता है।


केंद्रीय विद्यालय को देश के शीर्ष सरकारी स्कूलों में शुमार किया जाता है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा संचालित इन स्कूलों में पढ़ने का सपना लाखों छात्र देखते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जो इन स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देखते हैं। शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले अधिकांश उम्मीदवार KVS में शिक्षक की नौकरी पाकर अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। ऐसे में अगर आपने भी ये सपना देखा है तो इससे जुड़ी जानकारी भी देख लीजिए।

केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए समय-समय पर भर्तियां निकलती रहती हैं। KVS आधिकारिक वेबसाइट kvsagathan.nic.in पर PRT, TGT और PGT पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी करता है। इसके बाद उम्मीदवारों को पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होता है। इन वैकेंसी के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित अवधि के भीतर ही आवेदन करना ज़रूरी होता है।

KVS PRT पद पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएट के साथ-साथ D.El.Ed की डिग्री भी होनी चाहिए। इसके अलावा, उम्मीदवार को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण होना चाहिए। वे इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही TGT, PGT और PRT पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग है। अभ्यर्थी इसे जांचने के बाद आवेदन कर सकते हैं।

KVS में विभिन्न शिक्षक पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में आयोजित भर्ती परीक्षा के आधार पर किया जाता है। इसके आधार पर पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके बाद लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शामिल होना होता है। चयन प्रक्रिया से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों को पोर्टल पर जाना चाहिए।


इस साल की बोर्ड परीक्षाएं अगर यूपी बोर्ड, सीबीएसई और अन्य राज्य बोर्ड परीक्षाओं की बात करें तो अब लगभग खत्म हो चुकी हैं। इसी क्रम में अब 12वीं कक्षा के छात्रों ने अपने भविष्य की योजना बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में इन छात्रों की मदद के लिए आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं करने वाले छात्रों को कुछ ऐसे क्षेत्रों के बारे में बताते हैं, जिनका चयन करके वे इन क्षेत्रों में सरकारी नौकरी पा सकते हैं।

आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं करने वाले छात्रों के लिए टीचिंग फील्ड एक बेहतर करियर विकल्प हो सकता है, जिसमें वे आगे बढ़कर सरकारी नौकरी हासिल सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थी पहले संबंधित क्षेत्र में स्नातक और फिर बीएड-डीएलएड की डिग्री हासिल करने के बाद केवीएस, नवोदय और अन्य राज्यों द्वारा जारी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आर्ट्स में 12वीं पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए बैंकिंग सेक्टर भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस क्षेत्र में भी विभिन्न पदों पर भर्तियां होती रहती हैं, जिनके लिए उम्मीदवार अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के बाद रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। हर साल काफी बड़ी संख्या में उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में इस परीक्षा में शामिल होने के लिए जिन लोगों ने आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं पूरी की होती है तो सबसे पहले आर्ट्स में ग्रेजुएशन करके के बाद आप इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं। इसके बाद आप संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

अगर आप प्राइवेट सेक्टर में जाना चाहते हैं तो आपके पास कई क्षेत्र हैं जिनमें आगे बढ़ सकते हैं। आप चाहें तो अपने शौक के मुताबिक डांसिंग, एक्टिंग, म्यूजिक, डायरेक्शन आदि कोई भी फील्ड चुन सकते हैं। इसके अलावा ब्लॉगिंग और यूट्यूबर भी आज के समय में एक अच्छा विकल्प बनकर उभरा है। यूट्यूब पर लोग अपना कंटेंट बनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। इसके अलावा फोटोग्राफी, ब्लॉगिंग, इवेंट मैनेजमेंट, ग्राफिक्स डिजाइनर, फैशन डिजाइनर, फाइन आर्ट्स, जर्नलिज्म, बैचलर इन होटल मैनेजमेंट, टूर एंड ट्रैवल्स समेत बहुत सारे ऑप्शन उपलब्ध हैं।


जैसा कि आप जानते ही हैं कि हमारे देश में सरकारी नौकरियों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और लोग उसी के अनुसार अपनी पढ़ाई करते हैं। कुछ उम्मीदवार पारिवारिक परिस्थितियों के कारण जल्द ही नौकरी पाना चाहते हैं। ऐसे में ITI डिप्लोमा करने के बाद इन उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खुल जाते हैं।

इसलिए अगर कोई 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण है और जल्द ही सरकारी नौकरी करना चाहता है वो इसके बाद ITI डिप्लोमा में प्रवेश लेकर इस कोर्स को पूरा कर सकता है।

ITI डिप्लोमा धारक युवाओं के लिए सेना, रेलवे समेत कई सरकारी कंपनियों में नौकरियां ऑफर की जाती हैं। इसके लिए आपको 10वीं या 12वीं पास करने के साथ-साथ संबंधित स्ट्रीम से ITI भी पास करना होगा।

ITI डिप्लोमा धारकों के लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियों में भी नौकरियां हमेशा उपलब्ध रहती हैं। शुरुआती दौर में आपको वेतन भले ही कम मिले लेकिन अनुभव और योग्यता के आधार पर यह लगातार बढ़ता जाता है।

अगर आप 10वीं या 12वीं पास कर चुके हैं या करने वाले हैं तो आप ITI में एडमिशन ले सकते हैं। हर जिले में ITI संस्थान मौजूद हैं। इन दाखिलों के लिए आपको आवेदन करना होगा। यदि आप सरकारी संस्थान में प्रवेश नहीं ले पाते हैं तो आप निजी संस्थान में प्रवेश लेकर भी यह डिप्लोमा प्राप्त कर सकते हैं।

आपको बता दें कि एडमिशन के समय आपको अपनी ट्रेड का चयन करना होगा। हर संस्थान में सभी ट्रेड उपलब्ध नहीं होते इसलिए आप जिस भी संस्थान में एडमिशन लेने जा रहे हैं वहां के ट्रेड के बारे में जानकारी जरूर हासिल कर लें।


हमारे देश में सरकारी नौकरी सबसे अच्छी मानी जाती है। सरकारी नौकरी से हमें समाज में प्रसिद्धि तो मिलती ही है, सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर वेतन भी मिलता है। इसलिए हर कोई सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश करता है। आइये जानते हैं कुछ ऐसी सरकारी नौकरियों के बारे में जिनको आप 10वीं पास करने के बाद भी हासिल कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं कि 10वीं पास के लिए सेना के साथ-साथ कई दूसरे क्षेत्रों में भी नौकरियां उपलब्ध हैं। जिसमें भर्ती होकर आपको सरकारी नौकरी के साथ-साथ देश की सेवा करने का भी मौका मिलता है।

अगर आप 10वीं पास हैं तो भारतीय डाक में होने वाली भर्तियों में शामिल हो सकते हैं। इसमें पोस्टल असिस्टेंट, शॉर्टनिंग असिस्टेंट, मल्टी टास्किंग स्टाफ समेत कई पदों पर भर्तियां निकलती हैं, जिसमें आप 10वीं पास करने के बाद आवेदन कर सकते हैं।

10वीं पास के लिए रेलवे में भी कई पदों पर सरकारी नौकरियां उपलब्ध हैं। ट्रैकमैन, गेटमैन, पॉइंट्समैन, हेल्पर, पोर्टर आदि समेत कई अन्य पद हैं। इसके साथ ही रेलवे में 10वीं पास के लिए अप्रेंटिस पदों पर भी समय-समय पर नौकरियां निकलती रहती हैं।

कई राज्यों में पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। इसलिए अगर आपने 10वीं पास कर ली है तो आप पुलिस विभाग में भी सरकारी नौकरी पाने के पात्र हैं।

10वीं पास के लिए सशस्त्र बलों में भी सरकारी नौकरियां उपलब्ध हैं। इसमें आप सेना, भारतीय नौसेना या भारतीय वायु सेना में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। इससे जुड़कर आपको देश की सेवा करने का मौका भी मिलता है।

हमारे देश में ऐसे कई राज्य हैं जहां फॉरेस्ट गार्ड पदों के लिए समय-समय पर सरकारी नौकरियां निकलती रहती हैं। कई राज्यों में इस पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता केवल 10वीं पास है। इसलिए आप 10वीं के बाद इस पद पर सरकारी नौकरी पा सकते हैं।


हमारे देश में ज्यादातर युवा डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं लेकिन उनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो इस पेशे को अपनाना नहीं चाहते हैं। अगर आपने भी विज्ञान विषयों से 12वीं कक्षा पास की है और डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बनना चाहते हैं तो कोई ऑफबीट कोर्स कर सकते हैं। वर्तमान समय में ऐसे कई कोर्स हैं जिनमें आप 12वीं साइंस पास करने के बाद एडमिशन ले सकते हैं। इसके साथ ही आप कोर्स पूरा करने के बाद इन क्षेत्रों में बेहतर करियर भी बना सकते हैं।

अगर आपने पीसीएम विषय के साथ इंटर पास किया है तो आप आर्किटेक्ट भी बन सकते हैं। इस क्षेत्र में यूजी और पीजी दोनों पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन्हें करके आप आर्किटेक्ट के तौर पर काम करके लाखों में सैलरी कमा सकते हैं।

विज्ञान विषयों से 12वीं पास करने के बाद आप शिक्षण से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कर सकते हैं। इन्हें करने के बाद आप प्राथमिक शिक्षक स्तर से प्रोफेसर स्तर तक शिक्षक बन सकते हैं। टीचिंग का क्षेत्र सबसे अच्छा माना जाता है और इसमें सैलरी भी बेहतर मिलती है।

इनके अलावा आप डाटा साइंटिस्ट भी बन सकते हैं। पिछले कुछ सालों में डेटा साइंस साइंटिस्ट हमारे देश में काफी लोकप्रिय हो गए हैं। आप 12वीं के बाद सबसे पहले गणित, सांख्यिकी या इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल कर सकते हैं। इसके बाद आप संबंधित प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और उससे संबंधित स्किल सीख सकते हैं। इसके बाद आप इसमें सर्टिफिकेट या डिप्लोमा हासिल कर सकते हैं। एक बार जब आप डेटा साइंटिस्ट बन जाते हैं तो आपको लाखों में सैलरी मिल सकती है।


आइए देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इन संस्थानों में दाखिला लेने के बाद आप देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेज से डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कॉलेजों की यह रैंकिंग NIRF के अनुसार है। आइए एक नजर डालते हैं इन शिक्षण संस्थानों के नामों पर।

एम्स दिल्ली को देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में स्थान दिया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को एनआईआरएफ रैंकिंग में 94.32 स्कोर के साथ पहला स्थान मिला है।

पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इस रैंकिंग में संस्थान को 81.10 का स्कोर हासिल हुआ है।

इस सूची में वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज को तीसरा स्थान मिला है। तमिलनाडु के इस कॉलेज ने NIRF रैंकिंग में 75.29 का स्कोर हासिल किया है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस चौथे नंबर पर है। बेंगलुरु के इस इंस्टीट्यूट को इस रैंकिंग में 72.46 अंक मिले हैं।

जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च को पांचवां स्थान मिला है। पुडुचेरी के इस संस्थान को इस लिस्ट में 72.10 का स्कोर मिला है।

वर्ष 2023 के लिए जारी NIRF रैंकिंग के अनुसार, अमृता विश्व विद्यापीठम को छठा स्थान दिया गया है। इस संस्थान को कॉलेज में 70.84 स्कोर मिला है। आपको बता दें कि NIRF रैंकिंग नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क भारतीय रैंकिंग संगठन है। यह अलग-अलग संस्थानों को अलग-अलग पैमाने पर रेट करता है।


बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के साथ ही छात्र और उनके अभिभावक करियर निर्माण को लेकर असमंजस में रहते हैं। इसे दूर करने के लिए 12वीं के बाद साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स से जुड़े कुछ ऐसे कोर्सेज की बात कर लेते हैं जिन्हें करके आप अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं।

हाल ही में हमने देखा कि देशभर में बोर्ड परीक्षाओं का दौर चला। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले क्षात्रों ने कला, वाणिज्य या विज्ञान विषयों के साथ बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया। 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के समापन के साथ-साथ इन सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को इस बात की भी चिंता है कि वे भविष्य में कौन सा कोर्स करें ताकि एक बेहतर करियर बना सकें।

जो छात्र आर्ट्स विषय से 12वीं कर रहे हैं, वे BA, BA LLB, BHM, BFA, BBA, बैचलर इन फैशन डिजाइनिंग, BJMC, टूर एंड ट्रैवल, बैचलर इन सोशल वर्क पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा अगर आप पढ़ाने में रुचि रखते हैं तो अब कई विश्वविद्यालयों में 4 साल का बीएड कोर्स भी शुरू हो चुका है। इसमें प्रवेश लेकर आप शिक्षण क्षेत्र में भी अपने करियर को दिशा दे सकते हैं।

अगर आप कॉमर्स के स्टूडेंट हैं तो आप सबसे पहले CA, CS की तैयारी के लिए पात्र हैं। इसके अलावा आप B.Com और फिर M.Com करके बैंकिंग सेक्टर में करियर बना सकते हैं। इन सबके साथ-साथ आप लॉ, टूर एंड ट्रैवलिंग, होटल मैनेजमेंट, जर्नलिज्म कोर्सेज में भी एडमिशन लेने के लिए एलिजिबल हैं। आप अपनी रुचि के अनुसार इन कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं।

जिन छात्रों ने विज्ञान और गणित विषयों के साथ 12वीं पूरी की है, वे JEE Main की तैयारी कर सकते हैं और बाद में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में एडमिशन ले सकते हैं। इसके साथ ही आप BSc., BA, B.Com जैसे कोर्सेज में भी एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा आप आर्किटेक्ट, एविएशन और मेडिकल क्षेत्र में भी करियर शुरू कर सकते हैं।


हमारे देश में लगभग हर युवा सरकारी नौकरी हासिल करने का सपना देखता है लेकिन उनमें से कुछ ही इसे हासिल कर पाते हैं। अगर आप भी बेहतर पद पर सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो बीमा क्षेत्र और बीमा कंपनियों में प्रशासनिक अधिकारी का पद उनके लिए बेहतर साबित हो सकता है। इस पद के लिए हर साल नौकरियां निकलती हैं।

प्रशासनिक अधिकारी के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवारों को कंप्यूटर पर काम करने का ज्ञान भी होना ज़रूरी है। इस पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 साल से कम और 30 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट भी दी जाती है।

इस पद पर चयन होने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑनलाइन परीक्षा से गुजरना होता है। ऑनलाइन परीक्षा में 200 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित किया जाएगा। प्रश्न पत्र हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 120 मिनट यानी 2 घंटे का समय दिया जाएगा।

जो उम्मीदवार ऑनलाइन परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करते हैं उन्हें साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जाता है। अंत में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है। जिन उम्मीदवारों का नाम इस सूची में दर्ज होगा उन्हें रिक्त पदों पर तैनात किया जाता है।


अगर आपने 10वीं या 12वीं कक्षा पास कर ली है तो आप ड्रोन पायलट बनकर इस क्षेत्र में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। ड्रोन पायलट बनने के लिए आपको DGCA से मान्यता प्राप्त संस्थान से ट्रेनिंग लेनी होगी। ट्रेनिंग के बाद आपको एक परीक्षा में भाग लेना होगा। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप ड्रोन पायलट बनने का लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।

पूरी दुनिया में तेजी से तकनीकी विकास हो रहा है। इस तकनीकी क्षेत्र में ड्रोन उद्योग तेजी से विकसित हुआ है और आने वाले वर्षों में इसके तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। पहले के समय में ड्रोन का उपयोग बहुत सीमित था, लेकिन अब ड्रोन का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, सिनेमा उद्योग के अलावा शादियों में भी बड़े पैमाने पर देखा जाता है। ड्रोन के जरिए एक जगह बैठकर कम समय में ज्यादा काम और ज्यादा क्षेत्र को कवर किया जा सकता है, लेकिन यह काम ड्रोन पायलट द्वारा किया जाता है। ड्रोन पायलट रिमोट के जरिए ड्रोन को उड़ाता है।

ड्रोन पायलट बनने के लिए आपको नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण के लिए आपको संस्थान द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करके प्रवेश लेना होगा। इसके बाद आपको ड्रोन तकनीक को समझने की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवार को मेडिकल परीक्षा में शामिल होना होगा। इन चरणों में सफल उम्मीदवारों को DGCA द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। ड्रोन पायलट या ड्रोन तकनीक से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप सरकारी वेबसाइट Digital Sky पर भी जा सकते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार इस क्षेत्र में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।


दुनियाभर में लोगों को नई-नई जगहें और नए देश घूमने का काफी शौक होता है लेकिन कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो अपने इस ख़्वाब को जीकर पूरा कर पाते हैं। हाँ अगर ऐसा हो कि आपको इस क्षेत्र में करियर बनाने के साथ-साथ देश-विदेश घूमने को मिले और लाखों में सैलरी भी मिलती रहे तो यह किसी हसीं सपने से कम तो नहीं होगा।

12वीं कक्षा के बाद ही आप टूरिज्म के क्षेत्र में शुरुआत कर सकते हैं। 12वीं के बाद आप इस क्षेत्र के विभिन्न अंडर ग्रेजुएट (UG) कोर्स/डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश लेकर इसकी शुरुआत कर सकते हैं। उच्च शिक्षा के लिए आप इसमें पोस्ट ग्रेजुएशन या पीजी डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। कुछ प्रमुख कोर्स हैं:

  • बैचलर डिग्री इन ट्रैवल एन्ड टूरिज्म (बीए/ बीएससी आदि)
  • बैचलर ऑफ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन
  • बैचलर ऑफ टूरिज्म स्टडीज
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन टूरिस्ट गाइड
  • सर्टिफिकेट इन ट्रेवल मैनेजमेंट
  • एमबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट
  • मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटलिटी मैनेजमेंट
  • एमए इन टूरिज्म मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा इन ट्रैवल मैनेजमेंट एंड एयरपोर्ट मैनेजमेंट

यह कोर्स को करने के बाद आप ट्रैवल गाइड, ट्रैवल एजेंट, टूर मैनेजर, ट्रैवल कंसल्टेंट, ट्रैवल स्पेशलिस्ट, टूरिज्म ऑफिसर जैसे पदों पर नौकरी कर सकेंगे। इन पदों पर टूर एंड ट्रैवल से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में नौकरियां ऑफर की जाती हैं। शुरुआत में आपको 3 लाख से 7 लाख रुपये तक (योग्यता के आधार पर) वेतन पा सकते हैं लेकिन समय और अनुभव के साथ यह लगातार बढ़ता जायेगा।


भारतीय सेना में एसएससी टेक के 381 रिक्त पदों को भरने के लिए अभी हाल ही में भर्ती निकाली गई। यह उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है जो भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का ख़्वाब देखते हैं। इस भर्ती में शामिल होने के लिए भारतीय सेना द्वारा कुछ योग्यताएं तय की गई हैं, जिन्हें पूरा करना उम्मीदवार के लिए जरूरी होता है।

इस भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट होना चाहिए। जो उम्मीदवार इंजीनियरिंग के आख़री साल या लास्ट सेमेस्टर में पढ़ रहे हैं, वे भी इस भर्ती में शामिल होकर भारतीय सेना में शामिल होने का अपना ख़्वाब पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 साल से कम नहीं होना चाहिए और अधिकतम आयु 27 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।

SSC टेक पदों पर चयन के लिए आवेदकों को भारतीय सेना द्वारा शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। SSB इंटरव्यू 5 दिनों का होता है। SSB इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों की मेडिकल जांच की जाएगी। लास्ट में उम्मीदवारों की आखरी मेरिट सूची तैयार की जाएगी। जिन उम्मीदवारों का नाम लास्ट मेरिट सूची में आएगा उन्हें रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाएगा।

इंडियन आर्मी की ओर से इन पदों पर हर साल भर्ती निकाली जाती हैं।


हम सभी ने कभी न कभी कस्टम विभाग का नाम जरूर सुना होगा। सीमा शुल्क विभाग का कार्य देश में आयातित एवं निर्यात किये जाने वाले माल पर कर का निर्धारण एवं संग्रहण करना तथा आयात एवं निर्यात किये जाने वाले माल की जांच करना एवं तस्करी को रोकना है। इसीलिए इस विभाग में सरकारी नौकरी करने के साथ-साथ आपको देश की सेवा करने का मौका भी मिलता है और समाज में प्रसिद्धि भी मिलती है।

कस्टम ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवारों को इंटरमीडिएट पास करने के बाद किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी स्ट्रीम में स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 साल से कम और अधिकतम आयु 28 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी गई है।

सीमा शुल्क अधिकारी बनने के लिए आपको UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस परीक्षा में सफलता पाने के बाद आप कस्टम विभाग में IRS (C & CE) को प्राथमिकता देकर कस्टम ऑफिसर बन सकते हैं।

यह परीक्षा हर साल UPSC द्वारा आयोजित की जाती है। इसमें तीन चरण होते हैं: पहले चरण में प्रीलिम्स परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में भाग लेंगे और मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अंत में साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लेना होगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जाती है।


हर युवा का सपना होता है कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ऐसी जगह नौकरी करे जहां उसे अच्छी सैलरी के साथ-साथ शोहरत भी मिले। अगर आप भी ऐसी ही जगह नौकरी करना चाहते हैं तो सुप्रीम कोर्ट में काम करना करियर के लिहाज से बेहतर साबित हो सकता है। वैसे तो सुप्रीम कोर्ट में कई पद होते हैं लेकिन लॉ क्लर्क का पद सबसे अच्छा माना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से लॉ में स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही इस पद पर आवेदन करते समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 साल से कम और 32 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार निर्धारित वर्षों की छूट प्रदान की जाती है।

सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क पदों पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों की प्रक्रिया से गुजरना होता है। भाग 1 में, उम्मीदवारों से कानून और उसकी समझ पर बहुविकल्पीय आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में सफल होते हैं उन्हें पार्ट 2 परीक्षा में भाग लेना होता है। भाग 2 में विषयपरक लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है। दूसरे चरण में पास होने वाले उम्मीदवारों को अंततः भाग 3 चरण (साक्षात्कार प्रक्रिया) में भाग लेना होता है। सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों को अंतिम मेरिट सूची में रखा जाता है और रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाती है।


हमारे देश की सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों का काफी योगदान रहता है। अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं तो असिस्टेंट कमांडेंट का पद आपके लिए अच्छा रहेगा। इस पद पर भर्ती होने के लिए उम्मीदवार का ग्रेजुएशन पास होना जरूरी होता है। इस भर्ती में चयनित होने के लिए आपको लिखित परीक्षा, PET/PST, मेडिकल परीक्षा और इंटरव्यू से गुजरना होता है।

हमारे देश में विभिन्न सेनाएं देश की रक्षा के लिए काम करती हैं और इन्हीं में से एक सेना को अर्धसैनिक बल के नाम से जाना जाता है। अर्धसैनिक बलों में CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB शामिल हैं। इन बलों में हर साल असिस्टेंट कमांडेंट के पदों पर भर्तियां की जाती हैं।

अर्धसैनिक बलों में असिस्टेंट कमांडेंट बनने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन पास होना चाहिए। भर्ती के लिए आवेदन करते समय शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 साल से कम और अधिकतम आयु 25 साल से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। भर्ती में भाग लेने के लिए आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट भी दी जाती है।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के अलावा उम्मीदवार को शारीरिक रूप से भी फिट होना चाहिए। इस भर्ती में शामिल होने के लिए पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 165 सेमी और न्यूनतम वजन 50 किलोग्राम और महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 157 सेमी और न्यूनतम वजन 46 किलोग्राम होना चाहिए। पुरुष उम्मीदवारों की छाती बिना फुलाए 81 सेमी होनी चाहिए। यह महिलाओं के लिए लागू नहीं है।

अर्धसैनिक बलों में असिस्टेंट कमांडेंट बनने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले एक लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। जो उम्मीदवार पहले चरण की परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें भर्ती के अगले चरण, शारीरिक दक्षता परीक्षण / शारीरिक मानक परीक्षण और चिकित्सा परीक्षा में भाग लेना होगा। यहां उम्मीदवारों को निर्धारित समय में दौड़ पूरी करनी होगी और शारीरिक रूप से फिट भी होना होगा।

इस चरण में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अंततः साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। फाइनल में जिन अभ्यर्थियों का नाम दर्ज होगा उन्हें रिक्त पदों पर तैनात किया जाएगा।


भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC हमारे देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी के रूप में जानी जाती है। यह कंपनी देशभर में फैली हुई है जिसके चलते हर साल LIC में विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली जाती हैं। अगर आप भी LIC में सरकारी नौकरी करने का सपना देख रहे हैं तो असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (AAO) का पद आपके लिए अच्छा रहेगा।

इस पद पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को योग्यता के साथ-साथ परीक्षा के कई चरणों से गुजरना होगा। इस जानकारी से आप इस पद के लिए पात्रता और चयन प्रक्रिया के बारे में काफी कुछ जान लेंगे ताकि आप उसके अनुसार तैयारी कर सकें।

प्रशासनिक अधिकारी (AAO) के पद पर नौकरी पाने के लिए आपको भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के साथ-साथ इस भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 साल और सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 30 साल निर्धारित की गई है। ऊपरी आयु सीमा में ओबीसी वर्ग के लिए 3 साल और एससी/एसटी के लिए 5 साल तक की छूट दी जाती है।

LIC में AAO के पदों पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरण की प्रक्रिया से गुजरना होगा। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करेंगे। इसके बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चरण की साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लेना होगा। सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों को अंतिम मेरिट सूची में जगह प्रदान की जाएगी और रिक्त पदों पर तैनात किया जाएगा।


इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल-एस्टेट करियर के लिए बेहतर विकल्पों में से एक है क्योंकि इस क्षेत्र में लगातार विकास देखने को मिल रहा है जिसके कारण इसमें मौके भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ साल पहले तक रियल एस्टेट को केवल प्रॉपर्टी डीलर या कमीशन एजेंट के रूप में ही देखा जाता था लेकिन अब इस क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है।

अगर आप भी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल-एस्टेट सेक्टर में बेहतर करियर बनाना चाहते हैं तो 12वीं के बाद इसकी शुरुआत कर सकते हैं। 12वीं के बाद आप विभिन्न UG, PG, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर इसकी बारीकियों को सीख सकते हैं और इस क्षेत्र में अपने करियर को धार दे सकते हैं।

इसमें MBA, Diploma, PG Diploma और Certificate Course हैं। 12वीं कक्षा पास करने के बाद डिप्लोमा और सर्टिफिकेट जैसे कोर्स किए जा सकते हैं।

  • सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक
  • स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक
  • MBA
  • M.Tech.
  • पीजी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट

यह कोर्सेज को करने के बाद आप सिविल इंजीनियर, टाउन प्लानर, सेल्स मैनेजर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, कंस्ट्रक्शन एक्जीक्यूटिव, अकाउंटेंट, फाइनेंशियल एनालिस्ट, सेल्स एक्जीक्यूटिव, आर्किटेक्ट, प्रॉपर्टी या फैसिलिटीज मैनेजर जैसे पदों पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं। अगर नौकरी नहीं करना चाहते तो आप अपना खुद का बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने पैसे से या किसी के साथ साझेदारी करके यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

इस क्षेत्र में वेतन आपकी योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। शुरु में आप 15 हजार रुपये से शुरुआत कर सकते हैं जो बाद में लाखों रुपये प्रति माह तक जा सकता है। प्राइवेट के अलावा आप सरकारी नौकरियों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यहां आपको हर महीने सरकार द्वारा निर्धारित वेतन प्रदान किया जाएगा।


भारत एक कृषि प्रधान देश है। समय के साथ कृषि में बहुत बदलाव हुए हैं और वर्तमान में लोग कृषि को करियर के रूप में भी अपना रहे हैं। कई लोग अपनी लाखों की नौकरियाँ छोड़कर नई तकनीक से खेती कर रहे हैं और एक नौकरीपेशा व्यक्ति से कहीं ज्यादा कमाई कर रहे हैं। अगर आप भी कृषि से जुड़ाव महसूस करते हैं तो 10वीं कक्षा के बाद ही कृषि से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर इस दिशा में अपना करियर बना सकते हैं।

अगर आप 10वीं कक्षा में हैं और कृषि के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो 10वीं के बाद कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेज करके आप इस क्षेत्र में एक कदम आगे बढ़ा सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों में नई कृषि पद्धतियों के अध्ययन के साथ-साथ कृषि मशीनरी के उपयोग की बारीकियाँ सिखाई जाती हैं। कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेज इस प्रकार हैं-

  • डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर साइंस
  • पॉलिटेक्निक इन एग्रीकल्चर
  • कृषि इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • जैविक खेती में डिप्लोमा
  • बीज प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा
  • बागवानी में डिप्लोमा

अगर आप इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं तो 12वीं के बाद ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या यूजी, पीजी डिप्लोमा/सर्टिफिकेट प्रोग्राम में एडमिशन लेकर कृषि की बारीकियां सीखकर अपना करियर संवार सकते हैं।

कोर्स करने के बाद आप कई सरकारी नौकरियों के लिए भी पात्र हो जाएंगे। इसके अलावा अगर आप उच्च शिक्षा में पीएचडी करते हैं तो आपको कृषि वैज्ञानिक के पद पर भी नौकरी मिल सकती है।


पुलिस उपाधीक्षक को DSP यानि पुलिस उपाधीक्षक कहते हैं। आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं तो पुलिस उपाधीक्षक बन सकते हैं। इसके लिए आपको यूपी पीसीएस (PCS) परीक्षा पास करनी होगी। इसमें भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को ग्रेजुएशन पास करना और शारीरिक योग्यता भी पूरी करना ज़रूरी होता है।

पुलिस विभाग में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) एक महत्वपूर्ण पद माना जाता है। यह पद समाज में काफी प्रतिष्ठित माना जाता है, इसलिए कई युवाओं का सपना इस पद पर नौकरी पाने का होता है। अगर आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं तो आपके लिए मौका है DSP बनने का।

पुलिस उपाधीक्षक यानी DSP हर जिले में नियुक्त SP या SSP को रिपोर्ट करते हैं। DSP को जिले के एक सर्कल में तैनात किया जाता है और दो या दो से अधिक पुलिस स्टेशन उसके अधीन रिपोर्ट करते हैं। एक पुलिस उपाधीक्षक के पास सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के बराबर शक्तियाँ होती हैं और वह अपने अधीन पुलिस स्टेशनों की देखरेख, कनिष्ठों के काम, सार्वजनिक प्रबंधन के साथ-साथ कानून प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार होता है।

पुलिस उपाधीक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से ग्रेजुएशन होना चाहिए। इसके अलावा इस पद के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 साल और अधिकतम आयु 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।

पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनने के लिए सामान्य, ओबीसी, एससी वर्ग के उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी और छाती बिना फुलाए 84 सेमी और फुलाकर 89 सेमी होनी चाहिए। अनुसूचित जाति के लिए न्यूनतम ऊंचाई 160 सेमी और छाती बिना फुलाए 79 सेमी और फुलाकर 84 सेमी होनी चाहिए।

महिला अभ्यर्थियों की न्यूनतम ऊंचाई 152 सेमी होना अनिवार्य है। एसटी वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 147 सेमी निर्धारित की गई है।

इस भर्ती में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को UP PCS परीक्षा में शामिल होना होता है। इसके तहत आपको सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा में भाग लेना होगा। प्रीलिम्स परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होना होगा। अंत में मुख्य परीक्षा और पीईटी (शारीरिक दक्षता परीक्षा) देनी होगी। उसके बाद उम्मीदवारों को मेडिकल जांच और इंटरव्यू में शामिल होना होता है। सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर तैनात किया जाता है।


हमारे देश में सरकारी नौकरी को एक अलग नजरिए से देखा जाता है और अगर सरकारी नौकरी किसी प्रशासनिक पद की हो तो समाज में उनकी एक अलग पहचान होती है। हर कोई प्रशासनिक पद पर काम करना चाहता है ताकि उसे समाज में नाम के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी मिल सके। इनमें से एक पद डिप्टी कलेक्टर का है जो काफी महत्वपूर्ण पद होता है।

डिप्टी कलेक्टर एक प्रशासनिक पद है जिसे सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) या सब डिविजनल ऑफिसर (SDO) के रूप में तैनात किया जाता है। डिप्टी कलेक्टर का काम जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की सहायता करना है। यह जिला कलेक्टर के अधीन विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के प्रबंधन की देखभाल करता है। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर के पद के पास राजस्व से संबंधित शक्तियां होती हैं।

उत्तर प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए आपको UPPCS की परीक्षा में भाग लेना होता है। इस पद पर भर्ती के लिए UPPCS द्वारा हर साल उत्तर प्रदेश संयुक्त राज्य/वरिष्ठ अधीनस्थ सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसमें भाग लेने के लिए आपको सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है। इसके बाद उम्मीदवारों को तीन चरणों – प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होता है।

सबसे पहले उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में निर्धारित अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य माना जाएगा। इसके बाद मेन्स परीक्षा आयोजित की जाती है और इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार अगले चरण के इंटरव्यू में भाग लेने के पात्र होते हैं। आख़िर में उम्मीदवारों को साक्षात्कार में भाग लेना होता है जिसके बाद उम्मीदवारों की आख़री सूची तैयार की जाएगी। फाइनल लिस्ट में जगह पाने वाले उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्ति दी जाती है।

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से स्नातक होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 साल और अधिकतम आयु 40 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार ऊपरी आयु में छूट प्रदान की जाती है।


12th पास करने के बाद स्टूडेंट्स और उनके अविभावकों को भविष्य की चिंता होने लगती है कि वे किस क्षेत्र में करियर को आगे बढ़ाएं। अगर आपको भी ऐसी चिंता है तो आप 12th के बाद ही लॉ के क्षेत्र में अपने करियर बना सकते हैं।

12वीं के बाद छात्र और अभिभावक भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं कि वे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाएं और समाज में अच्छा नाम और प्रतिष्ठा हासिल करें। अगर आपकी रुचि कानून के क्षेत्र में है तो कानून आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। आप कानून के क्षेत्र में वकील, जज या प्रोफेसर बन सकते हैं।

आप 12वीं के बाद ही कानून के क्षेत्र में करियर बनाना शुरू कर सकते हैं। 12वीं के बाद 5 साल के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। 5 साल वाले पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए आपको CLAT, LSAT India, AILET या SET प्रवेश परीक्षा देनी होगी। आप चाहें तो ग्रेजुएशन के बाद भी लॉ कर सकते हैं।

स्नातक के बाद आप 3 साल के प्रोग्राम LLB में एडमिशन ले सकते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद आपको कानून की डिग्री मिल जाएगी। तीन साल के कार्यक्रम में प्रवेश के लिए, आपको LSAT INDIA, DU LLB, MHT CET या BHU LLB प्रवेश परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा कई संस्थान डायरेक्ट मोड से भी एडमिशन देते हैं। इनमें आप बिना प्रवेश परीक्षा के भी कानून के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।

लॉ में डिग्री लेने के बाद आपको ऑल इंडिया बार एग्जाम पास करना होगा, जिसके बाद आप कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते हैं। 7 साल की प्रैक्टिस के बाद उम्मीदवार उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जिला जज के पद पर नौकरी पा सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप वकालत नहीं करना चाहते हैं तो आप सहायक अभियोजन अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बैंकिंग क्षेत्र वग़ैरह में भी नौकरी पा सकते हैं।

इन सबके अलावा अगर आपकी रुचि शिक्षा के क्षेत्र में है तो प्रोफेसर भी बन सकते हैं। प्रोफेसर बनने के लिए आप लॉ में ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (LLM) कर सकते हैं और फिर Ph.D. कर सकते हैं।


एयरोस्पेस इंजीनियरिंग आज के समय में एक लोकप्रिय क्षेत्र है। इसमें आप ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या पीएचडी कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसमें डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। एक बार कोर्स खत्म होने के बाद आपके पास सरकारी नौकरियों के साथ ही प्राइवेट नौकरियों के भी कई ऑप्शन होंगे। इसके साथ ही इस क्षेत्र में सैलरी भी दूसरों से बेहतर है।

हमारे देश में इंजीनियरिंग काफी लोकप्रिय क्षेत्र माना जाता है। हर साल लाखों छात्र अपने करियर को नई दिशा देने के लिए इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। अगर आप भी इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग आज के समय में एक लोकप्रिय क्षेत्र है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कई कोर्स उपलब्ध हैं जिन्हें आप कर सकते हैं।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने के लिए आपको सबसे पहले इंजीनियरिंग का कोर्स करना होगा। यह कोर्स आप 12वीं पास करने के बाद कर सकते हैं। ग्रेजुएशन पास करने के बाद आप उच्च शिक्षा के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स और पीएचडी भी कर सकते हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेज के नाम नीचे लिखे हैं-

  • बीई इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • बीएस इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • बीएस (ऑनर्स) इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • एमएस इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने के बाद आपके पास देशभर में सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियों में भी नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। इंजीनियरिंग करने के तुरंत बाद आपको 30 से 40 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी मिल सकती है। समय और अनुभव के साथ वेतन लगातार बढ़ता जाता है।

इंजीनियरिंग करने के बाद आपको एयरोस्पेस इंजीनियर, ऑटोमोटिव इंजीनियर, रॉकेट साइंटिस्ट, एयरक्राफ्ट मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर, एयरोस्पेस ऑफिसर समेत अन्य पदों पर नौकरी मिलेगी। यदि आपकी रुचि शिक्षा के क्षेत्र में है तो आप इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लेक्चरर/प्रोफेसर के रूप में अपना करियर बना सकते हैं।


हिंदी भाषा भारत देश की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है। हिंदी भाषा भारत के अधिकांश राज्यों में बोली जाती है और देश के अधिकांश हिस्सों में समझी जाती है। आपको भी हिंदी का अच्छा ज्ञान है और यह आपकी पसंदीदा भाषा है तो आप इस क्षेत्र में अच्छा करियर बना सकते हैं।

जैसा कि आप जानते हैं हमारे देश भारत में 22 भाषाओं को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है लेकिन इनमें से सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी है और कई राज्य हिंदी भाषी राज्य के रूप में जाने जाते हैं। अगर आप भी हिंदी भाषा पढ़ रहे हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाने की सोच रखते हैं तो यह एक अच्छा विकल्प है।

हिंदी भाषा का अच्छे से अध्ययन करके आप कई सरकारी और प्राइवेट नौकरियां पा सकते हैं। इसके साथ ही आप हिंदी भाषा के क्षेत्र में आवश्यक योग्यता हासिल कर के शिक्षक/प्रोफेसर आदि भी बन सकते हैं। आइये जानते हैं ऐसे कौन से क्षेत्र हैं जिनमें आप हिंदी भाषा के ज्ञान से अपना करियर बना सकते हैं।

इस समय कंटेंट राइटर/एडिटर की नौकरियां काफी बढ़ी हैं। अब हर कंपनी अपने प्रमोशन के लिए एक कंटेंट राइटर को हायर करती ही है। इसमें आपको विज्ञापन, ब्लॉग, मार्केटिंग कॉपी, सोशल मीडिया कॉपी वग़ैरह लिखना होता है। शुरुआत में आपको इस क्षेत्र में 15 हजार से 30 हजार रुपये प्रति माह मिल सकते हैं, अनुभव के साथ ही आपकी सैलरी बढ़ती जाती है।

सभी बैंकों में राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है जिनका काम ग्राहकों की मदद करने के साथ-साथ बैंक का काम-काज हिंदी में करना है ताकि हिंदी को राजभाषा के रूप में ख़ूब प्रचारित व् प्रसारित किया जा सके। इसके अलावा इनका काम बैंक में दस्तावेजों का हिंदी में अनुवाद करना भी होता है। इसके अलावा सरकारी नौकरी के तौर पर हिंदी टाइपिस्ट/हिंदी स्टेनोग्राफर आदि के लिए भी समय-समय पर भर्ती निकाली जाती हैं। इस तरह आप प्राइवेट सेक्टर के साथ-साथ सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं।

मीडिया को हमारे देश का चौथा स्तंभ माना जाता है। आप हिंदी भाषा में पत्रकारिता करके पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। इस क्षेत्र में हिंदी लेखकों की मांग हमेशा बनी रहती है। शुरुआत में आपको सामान्य वेतन मिलता है लेकिन अनुभव और काम के आधार पर यह बढ़ता रहता है।


जो उम्मीदवार कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं उनके लिए डिस्ट्रिक्ट जज का पद अच्छा है। यह पोस्ट आपको समाज में प्रसिद्धि के साथ-साथ न्याय के लिए लड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। उत्तर प्रदेश की जिला अदालत में डिस्ट्रिक्ट जज बनने के लिए आपके पास कानून में स्नातक की डिग्री के साथ-साथ वकील के रूप में 7 साल का अनुभव होना अनिवार्य है।

हमारे देश में न्याय प्रदान करने के मामले में न्यायाधीश का स्थान सर्वोपरि है। अगर आपमें भी कानून और न्याय के लिए काम करने का जुनून है तो आप इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। लेकिन जज बनने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास निर्धारित योग्यताएं होना चाहिए। आइये जानते हैं उत्तर प्रदेश राज्य के जिला न्यायालय में न्यायाधीश बनने से संबंधित प्रक्रिया क्या होती है।

डिस्ट्रिक्ट जज बनने के लिए आपको सबसे पहले लॉ में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी होती है। इसके लिए आपको 12वीं के बाद पांच साल की इंटीग्रेटेड बैचलर डिग्री या तीन साल की एलएलबी डिग्री प्राप्त करनी होगी। लॉ में ग्रेजुएशन के साथ-साथ उम्मीदवार को सात साल तक किसी कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस भी करना ज़रूरी होता है। इसके बाद ही आप उत्तर प्रदेश में जिला जज बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में जिला जज बनने के लिए आवेदन करते वक़्त उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 35 साल से कम नहीं होनी चाहिए। उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 45 साल तय की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार ऊपरी आयु में छूट दी भी दी जाती है।

डिस्ट्रिक्ट जज के पद पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों से गुजरना होता है। पहले चरण में प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार ही भर्ती के अगले चरण, मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पात्र होते हैं। मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को आख़री चरण में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। अंत में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और जिन उम्मीदवारों का नाम इसमें शामिल होते हैं उन्हें जिला न्यायाधीश के पद पर तैनात किया जाता है।


रेलवे में नौकरी करियर के लिहाज से अच्छी मानी जाती है। अगर आप भी रेलवे में नौकरी करना चाहते हैं तो स्टेशन मास्टर बनना आपके लिए बेहतर हो सकता है। रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने के लिए उम्मीदवार को सबसे पहले योग्यता पूरी करना अनिवार्य है। भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा/परीक्षा में सफल होकर योग्य उम्मीदवार इस पद के लिए चयनित हो सकते हैं।

हमारे देश में करोड़ों युवा रेलवे में नौकरी पाने का सपना देखते हैं। रेलवे में नौकरी को समाज में प्रसिद्धि की दृष्टि से देखा जाता है। अगर आपका भी सपना रेलवे में सरकारी नौकरी करने का है तो स्टेशन मास्टर का पद आपके लिए बेहतर हो सकता है लेकिन इस पद पर नौकरी पाने के लिए आपको रेलवे द्वारा निर्धारित कुछ योग्यताओं को पूरा करना ज़रूरी होता है।

रेलवे में स्टेशन मास्टर पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएट होना ज़रूरी है। इसके साथ ही अभ्यर्थी की कम से कम उम्र 18 साल और ज़्यादा से ज़्यादा 32 साल होना चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में छूट भी दी जाती है।

स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती निकलने के बाद आपको इसमें शामिल होने के लिए फॉर्म भरना होता है। जो उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन करेंगे उनको पहले चरण में कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट (CBT) में हिस्सा लेना होता है। सीबीटी एग्जाम में उम्मीदवारों से गणित, सामान्य ज्ञान, सामान्य बुद्दिमत्ता और सामान्य अंग्रेजी विषयों के सवाल पूछे जाते हैं।

पहले चरण की परीक्षा में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को दूसरे चरण की मुख्य परीक्षा में शामिल होना होता है। मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को आख़िर में दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल टेस्ट में शामिल होना पड़ता है। सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों को स्टेशन मास्टर के रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाता है।


वकील बनने का सपना पूरा करने के लिए आप 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद चाहे किसी भी स्ट्रीम से हों, आगे बढ़ सकते हैं। 12वीं के बाद 5 साल का LLB कोर्स और ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का LLB कोर्स आपके इंतजार में है। कानून की गहराइयों में गोता लगाकर, न्याय के पथ पर चलना चाहते हैं? तो जुनून और मेहनत के साथ कदम बढ़ाएं। हर पक्ष को तर्क, विश्लेषण और शोध से समझने की क्षमता, वक्त प्रबंधन का हुनर और सबसे बड़ी बात – दूसरों की मदद और उनके अधिकारों की रक्षा की प्रबल इच्छा – ये गुण आपको इस सम्मानजनक पेशे की ओर ले जाएंगे। याद रखें, बार काउंसिल परीक्षा को पार कर लाइसेंस पाने के बाद ही आप दूसरों के लिए न्याय का रास्ता रोशन कर पाएंगे। तो चलिए, कानून का अध्ययन कर समाज में बदलाव लाने की यात्रा शुरू करें!

हमारे देश में वकील को एक बेहतर पेशे में से एक माना जाता है। लाखों युवा एक मशहूर वकील बनने का सपना देखते हैं। अगर आप भी वकील बनने का सपना देख रहे हैं और लोगों के अधिकारों और न्याय के लिए लड़ना चाहते हैं तो 12वीं कक्षा के बाद ही इस क्षेत्र में करियर बनाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपने स्नातक की डिग्री प्राप्त की है तो भी आप कानून की पढ़ाई कर सकते हैं।

वकालत की पढ़ाई करने के लिए आपका 12वीं कक्षा पास होना ज़रूरी है। 12वीं के बाद आप पांच साल वाले कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। 12वीं के बाद आपको BA LLB, BBA LLB, B.Tech LLB, B.Com LLB और B.Sc LLB में प्रवेश दिया जाता है। इन कोर्सेज में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम में भाग लेना होता है। पांच वर्षीय कोर्सेज में प्रवेश के लिए आपको CLAT, LSAT India, AILET या SET में भाग लेना होगा।

अगर आप 12वीं पहले ही कर चुके हैं और स्नातक उत्तीर्ण करने जा रहे हैं तब भी आप वकालत की पढ़ाई कर सकते हैं। स्नातक के बाद आप तीन साल के कोर्स LLB में दाखिला ले सकते हैं। LLB कोर्स में प्रवेश के लिए आप LSAT India, DU LLB, MHT CET या BHU LLB जैसी एंट्रेस एग्जाम में शामिल हो सकते हैं।

इन सबके अलावा भी बहुत से प्राइवेट और सरकारी यूनिवर्सिटीज में डायरेक्ट मोड या यूनिवर्सिटी स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से भी इन कोर्सेज में दाख़िला देते हैं। अगर आप ऊपर दिए गये एग्जाम में सफलता नहीं भी प्राप्त कर पाते हैं तो आप डायरेक्ट मोड या यूनिवर्सिटी स्तर पर होने वाली प्रक्रिया के माध्यम से भी प्रवेश ले सकते हैं।

न्याय की तराजू थामे समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं, तो वकालत आपका रास्ता है। 12वीं के बाद या ग्रेजुएशन के बाद, दोनों ही रास्ते आपके लिए खुले हैं। कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और न्याय के प्रति जुनून के साथ, आप कानून की जटिलताओं को सुलझाते हुए, दूसरों के अधिकारों की रक्षा का गौरव हासिल कर सकते हैं। तो, जुनून को जगाएं, मेहनत की रणनीति बनाएं और वकालत की यात्रा पर निकलें!


हमारे देश में रेलवे में नौकरी करना अच्छा समझा जाता है, इसलिए ज्यादातर युवा रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं। रेलवे में हर साल विभिन्न विभागों के तहत भर्तियां निकाली जाती हैं। इनमें से एक पद TTE का है। TTE को ट्रैवलिंग टिकट परीक्षक के रूप में भी जाना जाता है। अगर आप भी टीटीई बनना चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़िए आपके लिए काम की हो सकती है।

ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके साथ ही उसने देश में कहीं से भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं की परीक्षा कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो।

शैक्षिक योग्यता पूरी होने के साथ ही आवेदन करते समय उमीदवार की उम्र 18 साल से कम और 30 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में छूट नियमानुसार प्रदान की जाती है।

TTE बनने के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में बैठना होता है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों से ऑब्जेक्टिव टाइप के कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र में गणित, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और जनरल रीजनिंग जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। एग्जाम में किये गए प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और इसके बाद उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एवं मेडिकल एग्जामिनेशन में शामिल होना होता है।

TTE के पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 7वें पे कमीशन के हिसाब से 9400 से 35000 रुपये महीना तक सैलरी दी जाती है।

क्या आप लाखों यात्रियों की यात्रा सुनिश्चित करना नहीं चाहते हैं? क्या आप देश के आहट को अपनी टोपी के नीचे समेटे, हर स्टेशन पर ख्वाबों को पंख लगाते नहीं देखना चाहते हैं? रेलवे टीटीई बनिए! 50% के साथ 12वीं उत्तीर्ण, तेज दिमाग, और देशसेवा का जुनून होना चाहिए। परीक्षाएँ पार होने के बाद, आप हर ट्रेन में सम्मान से खड़े होंगे, सुख-दुख के गवाह बनेंगे। तो चलिए, सपनों की पटरी पर पहला कदम रखिए, टीटीई बनकर भारत की रफ्तार को बनाए रखिए!


आज का समय डिजिटलीकरण का समय है। डिजिटल स्किल्स के माध्यम से इस वक़्त आप आसानी से बेहतर करियर बना सकते हैं। आप डिजिटल स्किल्स के माध्यम से SEO एक्सपर्ट कंटेंट क्रिएटर्स ग्राफिक डिजाइनर्स/ वीडियो एडिटर्स मार्केटिंग एनालिस्ट परफॉर्मेंस मार्केटर सहित अन्य क्षेत्रों में जॉब पाकर अच्छी सैलरी उठा सकते हैं।

दुनियाभर में पिछले कुछ सालों में डिजिटलीकरण तेजी से हुआ है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। भारत आज दुनियां में सबसे ज्यादा इंटरनेट यूजर्स के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। इसी के चलते वर्तमान समय में तेजी से जॉब्स भी उभरकर सामने आयी हैं। अगर आप भी डिजिटल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो इस समय वर्तमान समय में ऐसी बहुत से जॉब्स उपलब्ध हैं जिनको आप घर से भी आसानी से कर सकते हैं और लाखों रुपये कमा सकते हैं। आइये कुछ ऎसी ही जॉब्स के बारे में जानते हैं जिससे आप इस क्षेत्र में करियर की शुरुआत कर सकें।

एसईओ एक्सपर्ट

SEO एक्सपर्ट का काम यूट्यूब चैनल, फेसबुक, ब्लॉग या वेबसाइट या इसमें अपलोड किये जाने वाले पेजेस की रैंकिंग बढ़ाने का होता है। आप इस क्षेत्र में कोई सर्टिफिकेट/ डिप्लोमा या ऑनलाइन कोर्स करके इसकी बारीकियां सीख सकते हैं और इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। सभी कंपनियां, वेबसाइट्स, ई-कॉमर्स कंपनियां एसईओ एक्सपर्ट के तौर पर लोगों को हायर करती हैं।

कंटेंट क्रिएटर्स

आजकल मार्केट में कंटेंट राइटर्स की भारी मांग है। हर कंपनी को अपने प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाने के लिए कंटेंट की आवश्यकता होती है जिसकी पूर्ति कंटेंट राइटर्स पूरी करते हैं। इस क्षेत्र में वर्क फ्रॉम ऑफिस से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक का अवसर मौजूद है। अगर आप हिंदी या अंग्रेजी में बेहतर लिख सकते हैं तो आप इस क्षेत्र में हाथ आजमा सकते हैं।

ग्राफिक डिजाइनर्स/ वीडियो एडिटर्स

आज के समय में लोगों को आकर्षित करने के लिए इमेज और वीडियो का भरपूर इस्तेमाल होता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में आज कल लोग कम समय और कम शब्दों में चीजों को देखना चाहते हैं। इसलिए अब ग्राफिक डिजाइनर्स/ वीडियो एडिटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है और यह तेजी से बढ़ती भी जा रही है। इसलिए आप भी इस क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने बेहतर करियर का निर्माण कर सकते हैं।

अन्य क्षेत्र

इन क्षेत्रों के अलावा आप मार्केटिंग एनालिस्ट, परफॉर्मेंस मार्केटर, मार्केटिंग टेक्नोलॉजी एंड ऑटोमेशन मैनेजर, डिजिटल कम्युनिकेशंस मैनेजर, सोशल मीडिया एक्सपर्ट, मार्केटिंग मैनेजर ईमेल मार्केटिंग, डिजिटल एडवरटाइजिंग मैनेजर समेत अन्य क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं।


मर्चेंट नेवी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें न सिर्फ सरकारी बल्कि निजी क्षेत्रों में भी नौकरियों की भरमार है। इस क्षेत्र में जाने के लिए आपका 12वीं कक्षा न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना जरूरी है। उम्मीदवार को PCM विषयों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। ऑफिसर बनने के लिए आप ग्रेजुएशन लेवल पर उपलब्ध कई कोर्स कर सकते हैं।

मर्चेंट नेवी का दायरा बहुत बड़ा माना जाता है। इस सेक्टर में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की नौकरियां बेहतरीन पैकेज पर उपलब्ध हैं। मर्चेंट नेवी में नौकरी के साथ-साथ आप अलग-अलग देशों की यात्रा का सपना भी पूरा कर सकते हैं। इसमें कामर्शियल जहाजों द्वारा माल को एक स्थान या देश से दूसरे स्थान या देश तक पहुंचाया जाता है। अगर आप भी मर्चेंट नेवी में शामिल होने का सपना देखते हैं तो हम इससे जुड़ी जानकारी आप तक पहुँचा रहे हैं, जिसके जरिए आप इस क्षेत्र में कदम आगे बढ़ा सकते हैं।

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए ये योग्यताएं होनी चाहिए

मर्चेंट नेवी में नौकरी पाने या ऑफिसर बनने के लिए आपको सबसे पहले फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) विषयों के साथ 12वीं कक्षा पास करनी होगी। उम्मीदवार को 60 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

मर्चेंट नेवी में ऑफिसर बनने के लिए 12वीं के बाद उम्मीदवार मरीन इंजीनियरिंग में बीटेक, मैकेनिकल इंजीनियर में बीई, नॉटिकल साइंस में बीएससी जैसे कई कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिन्हें करके आप इस क्षेत्र में अपने करियर को एक नई दिशा दे सकते हैं।

कैसे होता है चयन

मर्चेंट नेवी में चयन के लिए उम्मीदवारों को विभिन्न चरणों जैसे लिखित परीक्षा/स्क्रीनिंग टेस्ट/मुख्य परीक्षा/साक्षात्कार आदि में भाग लेना होता है। सभी प्रक्रियाओं में सफल होने वाले उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट में भाग लेना होता है। सभी चरणों में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अंतिम मेरिट सूची में जगह प्रदान की जाती है।


अगर आपको भी बच्चे पसंद हैं और आप उन्हें प्यार से संभाल सकते हैं तो आप प्राइमरी टीचर बनकर अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं। प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी को ग्रेजुएशन के साथ-साथ डी.एल.एड उत्तीर्ण होना चाहिए और टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण करना भी ज़रूरी है।

भारत में 14 नवंबर को हर साल बाल दिवस (चिल्ड्रेन्स डे) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पंडित नेहरू को बच्चों से बेहद प्रेम और लगाव था। बच्चे भी उन्हें चाचा नेहरू के नाम बुलाते थे।

अगर आप भी बच्चों से प्यार और स्नेह रखते हैं तो प्राइमरी टीचर की नौकरी आपके लिए सबसे अच्छी साबित हो सकती है। प्राइमरी टीचर बनकर आप बच्चों के बीच रह सकते हैं। यहां हम प्राइमरी टीचर बनने के लिए योग्यता और मानदंड की जानकारी दे रहे हैं, जिसके जरिए आप इस क्षेत्र में कदम आगे बढ़ा सकते हैं।

प्राइमरी शिक्षक कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए के हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से योग्यता में बदलाव किया गया था। अब नए नियम के अनुसार प्राइमरी टीचर बनने लिए उम्मीदवारों को ग्रेजुएशन पास होना ज़रूरी है। ग्रेजुएशन के साथ उम्मीदवार ने बीटीसी/ डीएलएड (Diploma in Elementary Education) भी पास किया हो। यह पास करने के साथ ही उम्मीदवारों ने TET या CTET भी उत्तीर्ण किया हो तब ही वे प्राइमरी टीचर के लिए निकलने वाली भर्ती में हिस्सा ले सकते हैं।

कितनी मिलेगी सैलरी

TET या CTET पास होने के बाद उम्मीदवार राज्यों या केंद्र सरकार की ओर से निकाली जाने वाली भर्तियों में आवेदन करके भाग ले सकते हैं। इसके बाद उम्मीदवारों को चयनित होने के लिए लिखित परीक्षा/ इंटरव्यू आदि देना होता है। अंत में फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को रिक्त पदों पर तैनात किया जाएगा। प्राइमरी टीचर के पद पर नियुक्ति होने के बाद उम्मीदवारों को पे स्केल 9300 से 35400 रुपये तक प्रतिमाह तक सैलरी दी जाती है।

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